रिसर्च के अनुसार उम्र की प्रारम्भिक अवस्था में हुए आनुवांशिकी प्रभावों से या सामाजिक कारणों से कई पुरानी बीमारियाँ हैं जो कि पेरेंट्स से बच्चों में आ जाती हैं।
पेन नामक जर्नल में छपी रिपोर्ट के अनुसार कोई संभावित कारक है जिससे पुराना या लंबे समय से परिवार में चलता आ रहा दर्द बच्चों में भी आ जाता है। आधी से ज्यादा बार युवाओं में यह दर्द आनुवांशिक कारणों से होता है।
अमंदा स्टोन ऑफ वंडरबिल्ड यूनिवर्सिटी और अन्ना विल्सन यूनिवर्सिटी ऑफ ऑर्गन हैल्थ और साइन्स, अमेरिका, की रिसर्च में भी इस बात की पुष्टि हुई है कि जिनके पेरेंट्स को पुराना दर्द होता है उनके बच्चों के शुरुआती विकास में नर्वस सिस्टम के कई फीचर्स और कार्य इससे प्रभावित होते हैं।
अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार ये आनुवांशिकी कारक, मध्यस्थता और दर्द के प्रति संवेदनशीलता आदि के कारण पुराना दर्द पेरेंट्स से संतान में आता है।
माता-पिता की शारीरिक एक्टिविटी का लेवल और तनावपूर्ण परिस्थितियों में पलने पलने-बढ़ने के कारण भी पुराना दर्द का संचार पेरेंट्स से बच्चों में होता है। (आईएएनएस के अनुसार)


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